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| भारत में बढ़ती गर्मी के बीच Heatwave Alert जारी – लू से बचाव की पूरी जानकारी |
Heatwave Alert क्या होता है? भारत में लू से बचने के सरकारी नियम, रंगों का मतलब और पूरी जानकारी (2026)
भारत में गर्मी हर साल नए रिकॉर्ड तोड़ रही है। अप्रैल से जून के बीच कई राज्यों में तापमान 45 से 50 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है। ऐसे समय में आपने टीवी, मोबाइल या सोशल मीडिया पर अक्सर Heatwave Alert या लू की चेतावनी जरूर देखी होगी।
लेकिन बहुत से लोग आज भी नहीं जानते कि Heatwave Alert असल में होता क्या है, इसे कौन जारी करता है, इसके रंगों का क्या मतलब होता है और इससे बचने के लिए सरकार क्या-क्या सलाह देती है।
इस लेख में हम आपको Heatwave से जुड़ी पूरी और सही जानकारी आसान हिंदी में देने वाले हैं।
Heatwave (लू) क्या होती है?
Heatwave यानी लू एक ऐसी स्थिति होती है, जब किसी क्षेत्र का तापमान सामान्य से काफी ज्यादा बढ़ जाता है और यह स्थिति कई दिनों तक बनी रहती है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार:
- मैदानी इलाकों में जब तापमान 40°C से ऊपर चला जाए
- पहाड़ी इलाकों में 30°C से ऊपर
- और तटीय क्षेत्रों में सामान्य से 4–5 डिग्री ज्यादा
तो उसे Heatwave की स्थिति माना जाता है।
Heatwave Alert क्या होता है?
Heatwave Alert एक सरकारी चेतावनी होती है, जिसे भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) जारी करता है। इसका मकसद लोगों को पहले से सावधान करना होता है ताकि वे अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा कर सकें।
यह Alert टीवी चैनलों, अखबारों, मोबाइल ऐप्स और सरकारी वेबसाइटों के जरिए जारी किया जाता है।
Heatwave Alert के रंग और उनका मतलब
🟡 Yellow Alert
यह शुरुआती चेतावनी होती है। इसका मतलब है कि तापमान सामान्य से ज्यादा है और सतर्क रहने की जरूरत है।
- धूप से बचें
- पानी ज्यादा पिएं
🟠 Orange Alert
यह ज्यादा गंभीर स्थिति को दर्शाता है। इस दौरान Heat-related illness का खतरा बढ़ जाता है।
- बाहर निकलना सीमित करें
- बुजुर्गों और बच्चों का खास ध्यान रखें
🔴 Red Alert
यह सबसे खतरनाक स्थिति होती है। इसमें जान का जोखिम भी हो सकता है।
- घर से बाहर न निकलें
- सरकारी निर्देशों का सख्ती से पालन करें
Heatwave शरीर को कैसे नुकसान पहुंचाती है?
लू का असर सीधे हमारे शरीर पर पड़ता है। ज्यादा तापमान शरीर के अंदर के संतुलन को बिगाड़ देता है।
- Dehydration: शरीर में पानी की भारी कमी
- Heat Exhaustion: कमजोरी, उल्टी, चक्कर
- Heat Stroke: जानलेवा स्थिति
- ब्लड प्रेशर का गिरना
Heat Stroke क्या होता है?
Heat Stroke लू की सबसे गंभीर अवस्था होती है। इसमें शरीर का तापमान 40°C से ऊपर चला जाता है और पसीना आना बंद हो सकता है।
अगर समय पर इलाज न मिले तो यह जानलेवा हो सकता है।
किन लोगों को सबसे ज्यादा खतरा होता है?
- बुजुर्ग
- छोटे बच्चे
- गर्भवती महिलाएं
- बाहर काम करने वाले मजदूर
- दिल और बीपी के मरीज
सरकार की तरफ से जारी जरूरी दिशानिर्देश
Heatwave Alert के दौरान सरकार और स्वास्थ्य विभाग कुछ जरूरी निर्देश जारी करते हैं:
- दोपहर 12 से 4 बजे तक बाहर न निकलें
- हल्के, सूती और ढीले कपड़े पहनें
- छाया में रहें
- ORS, नींबू पानी, छाछ पिएं
Heatwave में क्या न करें?
- धूप में भारी काम न करें
- शराब और कैफीन से बचें
- बंद गाड़ी में बच्चों या जानवरों को न छोड़ें
Heatwave से बचने के घरेलू उपाय
- घर की खिड़कियों पर मोटे परदे लगाएं
- दिन में ठंडा स्नान करें
- हल्का और ताजा खाना खाएं
Heatwave और Climate Change का संबंध
विशेषज्ञों के अनुसार Heatwave की बढ़ती घटनाओं का एक बड़ा कारण Climate Change है। जंगलों की कटाई, प्रदूषण और बढ़ती आबादी इसकी मुख्य वजह हैं।
निष्कर्ष
Heatwave Alert को नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है। अगर हम समय रहते सावधानी बरतें और सरकारी निर्देशों का पालन करें, तो लू से होने वाली गंभीर बीमारियों और मौतों को रोका जा सकता है।
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